मद्महेश्वर(मध्यमेश्वर) यात्रा: पार्ट 3 :
(Madmaheshwar, Burha Madmaheshwar and Chaukhamba)
पिछली
पोस्ट में आपने पढ़ा की हम दोपहर के लगभग दो बजे मद्महेश्वर पहुँच गए थे । मंदिर से
पहले रुकने ,खाने-पीने के लिए 4-5 दुकाने हैं। मंदिर के आस पास काफी खुला मैदान है
। आज अच्छी धुप निकली हुई थी इसलिए कुछ देर तो सबने आराम किया । उस समय मंदिर के कपाट
बंद थे। इतने में मंदिर के पुजारी भी अपने कमरे से बाहर आ गए और बोले यदि आपको अभी
वापिस जाना हो तो मंदिर खुलवा देते हैं आप दर्शन कर लो । हमने उन्हें बताया की
पहले हम बूढ़ा मद्महेश्वर जायेंगे वहाँ से आने के बाद मंदिर में दर्शन करेंगे । इसी
बीच कृष्ण आर्य जी बड़ी हिम्मत वाले निकले और बर्फ़ीले पानी से नहाने लग गए, उन्हें
लगा की हम पहले यहाँ दर्शन करेंगे । पानी बहुत ठंडा था , हाथ धोने मात्र से ही
सुन्न हो रहे थे लेकिन आर्य जी बाल्टी भर पानी से नहा लिए । नहाने के बाद उन्होंने
सिर्फ़ धोती कुरता पहना जिससे उन्हें ठण्ड लग गयी और उन्होंने कहा की वो अब ऊपर बूढ़ा मद्महेश्वर नहीं जायेंगे बल्कि
नीचे मंदिर के पास पुजारी जी के साथ ही रुकेंगे ।
