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Friday, 23 February 2018

Uttrakhand Yatra : Chopta and Omkareshwar temple, Ukhimath

उत्तराखंड यात्रा : मंडल –चोपता – ओम्कारेश्वर मंदिर , उखीमठ


पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मंडल पहुँचकर मैं, गौरव और सागर के साथ शेयर्ड जीप में बैठकर सगर चला गया । वहां पहुँचकर गौरव और सागर ने अपना सामान गाड़ी से लिया और अपनी बाइक से गोपेश्वर होते हुए अपने घर गाजियाबाद को निकल गए। उन्हें आज रात घर पर पहुंचना था ताकि कल सुबह वो अपने ऑफिस जा सके । मैं अपनी कार लेकर मंडल वापिस आ गया । अब आगे .........

जब मैं मंडल आकर होटल के कमरे में पहुँचा ,तब तक सुखविंदर और सुशील नहा कर तैयार हो चुके थे। मैं भी जल्दी से तैयार हो गया और फिर सब अपना सामान लेकर नाश्ते के लिए होटल वाले के ढाबे पर आ गये। उसे हरी मिर्च डालकर आलू के परांठे बनाने को बोल दिया । आज सुशील बहुत खुश था उसे कई दिनों बाद हरी मिर्च खाने को मिलने वाली थी । ढाबे वाले ने भी बढ़िया स्वादिष्ट परांठे बनाये ; लग ही नहीं रहा था हम उत्तराखंड में किसी ढाबे पर नाश्ता कर रहे हैं । ऐसे लग रहा था जैसे हम किसी पंजाब के ढाबे पर तंदूरी परांठे खा रहे हों । इस टूर का सबसे बढ़िया खाना यहीं खाया ।


Saturday, 1 April 2017

BIKE TRIP -Chopta Tungnath -Deoria Tal- 3rd Part (Tungnath )


चोपता, तुंगनाथ, देवरिया ताल यात्रा-3 (चोपता तुंगनाथ –चोपता )
यात्रा तिथि -03 अक्टूबर 2015

चोपता पंहुच कर एक ढाबे वाले से कमरा पता किया । ढाबे के नीचे की तरफ 2 कमरे बने थे और अभी दोनों खाली थे । एक कमरा हमने 400 रूपये में ले लिया । ढाबे वाले ने बताया कि कल यहाँ बहुत भीड़ थी और रहने के लिए जगह कम पड़ गयी थी और किराया भी डबल था । खैर हम अपना सामान कमरे में रखकर बिना देर किये तुंगनाथ की और चल दिए । हमें चंद्रशिला भी जाना था तो इसलिए फ़िलहाल आराम करने का विचार त्याग दिया ।

सुन्दर बुग्याल

Friday, 17 March 2017

BIKE TRIP of Chopta-Tungnath-Devria Tal- Part 1

चोपता, तुंगनाथ, देवरिया ताल यात्रा-1

यात्रा तिथि -02 अक्टूबर 2015  से 05 अक्टूबर 2015 

      काफी समय से मेरी तुंगनाथ और देवरिया ताल जाने की इच्छा थी । वर्ष 2011 में जब केदारनाथ जी और बद्रीनाथ जी की यात्रा पर गया था तो केदारनाथ से बद्रीनाथ जाने के लिये, उखीमठ चोपता होते हुए गोपेश्वर -चमोली जाने वाली सड़क से होकर ही गया था ।तब से इस जगह की ख़ूबसूरती दिलो दिमाग में छाई हुई थी । उस समय मुझे तुंगनाथ के बारे में मालूम नहीं था लेकिन जगह की ख़ूबसूरती से इतने प्रभावित हुए थे कि उखीमठ से चमोली के 70 किलोमीटर के रास्ते में ही हम तीन- चार जगह पर रुके  थे । जब बाद में मालूम हुआ कि तुंगनाथ -देवरिया ताल भी इधर ही हैं तभी से यहाँ फ़िर से जाने की इच्छा मन में बनी हुई थी ।


देवप्रयाग