रुक्मिणी देवी मंदिर, गोपी तालाब और बेट-द्वारका ( Rukmini Devi Temple, Gopi Talab and Bet Dwarka )
अगले दिन सुबह जल्दी से तैयार होकर , आठ बजे से पहले ही हम भद्रकाली
चौक पहुँच गए । बस में कुछ सवारियाँ पहले ही आ चुकी थी । कुछ ही देर में जब सभी
लोग आ गए तो बस चल पड़ी । आज ये हमें रुक्मणि मंदिर , नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, गोपी तालाब तथा बेट द्वारका लेकर जाने वाली थी । शहर से थोड़ा बाहर निकलते ही
पहला पड़ाव आ गया । बस का परिचालक - गाइड और निर्देशक दोनों का काम कर रहा था ।
उसने बताया कि हम रुक्मणी देवी मंदिर पहुँच चुके हैं । उसने हमें मंदिर में जल्दी से
जाकर दर्शन करने और आधे घंटे में बस पर वापिस आने को कहा और फिर बस से नीचे उतर
कर, सभी सवारियों के साथ गाइड के रूप में मंदिर की तरफ चल दिया । हमारी बस के साथ
ही दो तीन बसें और वहाँ पहुँच जाने से मंदिर में एकदम से भीड़ बढ़ गयी थी फिर भी लगभग
आधे घंटे में दर्शन के बाद हम लोग वापिस बस में आ गए ।
| रुक्मिणी देवी मंदिर |
