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Monday, 13 August 2018

Grishneshwar Jyotirlinga Temple, Aurangabad

 घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर

त्र्यंबकेश्वर मंदिर में दर्शन के बाद हम लोग बस से शिर्डी चले गए । रात वहाँ रुके , मंदिर में साईं बाबा की समाधी देखी और अगले दिन सुबह शनि सिग्नापुर चले गये और वहाँ से घूमते घुमाते शाम तक औरंगाबाद शहर पहुँच गए । यहाँ हमारा बारह ज्योतिर्लिंगों में यह अंतिम ज्योतिर्लिंग घृष्णेश्वर के दर्शन करने का प्रोग्राम था। अगले दिन सुबह जल्दी से तैयार होकर औरंगाबाद बस स्टैंड पहुँच गए और वहाँ से घृष्‍णेश्‍वर ज्योतिर्लिंग जाने के लिए बस ले ली और लगभग एक घंटे की यात्रा के बाद वहाँ पहुँच गए ।

Grishneshwar Jyotirling Temple

Monday, 6 August 2018

Trimbakeshwar Jyotirling

       त्र्यंबकेश्वर मंदिर -  Trimbakeshwar Temple

अगले दिन सुबह हम जल्दी से उठ कर तैयार हो गए और होटल से चेक आउट करने के बाद सामने ही स्तिथ बस स्टैंड चले गए यहाँ (संगमनेर) से नासिक लगभग 70 किलोमीटर दूर है और इस समय वहाँ जाने के लिए कोई बस उपलब्ध नहीं थी बस का इंतजार करते हुए हम चाय और बिस्कुट का हल्का नाश्ता कर चुके थे थोड़ी देर बाद ही मुंबई से नासिक जाने वाली बस आ गयी और हम उस पर सवार हो गए नासिक पहुँचने में दो घंटे से अधिक का समय लग गया और हम लगभग साढ़े नौ बजे नासिक पहुँच गए

Monday, 30 July 2018

Bhimashankar Jyotirlinga

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग (Bhimashankar Jyotirling) 

आज से लगभग 4 साल पहले महाराष्ट्रा की घुम्म्कड़ी के दौरान मुंबई ,शिर्डी ,शनि सिंग्नापुर ,एल्लोरा केव्स ,औरंगाबाद फोर्ट ,बीबी का मकबरा आदि स्थानों के साथ तीन ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त हुआ था । वैसे तो ये पूरी सीरीज काफी पहले इंग्लिश में लिख चूका हूँ लेकिन इन तीनो ज्योतिर्लिंग की यात्रा को हिंदी में भी लिखना चाहता हूँ। इस सीरीज में आपको सबसे पहले भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की यात्रा पर लेकर चलते हैं ।

Saturday, 21 July 2018

Padmanabhaswamy Temple

पद्मनाभस्वामी मंदिर  ( Padmanabhaswamy Temple )


पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा कि कोवलम बीच पर लगभग दो घंटे बिताने के बाद हमने यहाँ से पद्मनाभस्वामी मंदिर जाने के लिए 150 रूपये में  एक ऑटो लिया और 15 -20 मिनट में हम पद्मनाभस्वामी मंदिर पहुँच गए । सुबह का समय होने के कारण अभी यहाँ ज्यादा भीड़ नहीं थी लेकिन अभी पूजा /आरती का समय होने के कारण अभी दर्शन बंद थे । मंदिर बाहर से देखने पर कुछ खास भव्य प्रतीत नहीं हो रहा था । मंदिर का प्रवेश द्वार (गोपुरम ) कुछ ऊँचाई पर है और दरवाजा बंद होने के कारन अभी अन्दर का कुछ भी दृश्य नहीं दिख रहा था । मंदिर में प्रवेश के लिए पुरुषों को धोती तथा स्त्रियों को साड़ी पहनना अनिवार्य है। मंदिर से पहले ही धोती बेचने की कुछ दुकाने भी हैं । मंदिर में फ़ोन, कैमरा,बैग आदि कुछ भी सामान ले जाना मना है। मंदिर कमेटी द्वारा संचालित क्लॉक रूम में आप अपना सामान जमा करवा सकते हो ।


Thursday, 12 July 2018

Kovalam Beach - Trivandrum

कोवलम बीच- त्रिवेंद्रम (तिरूअनंतपुरम), (Kovalam Beach, Trivandrum)

पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा कि हम लोग कन्याकुमारी और सुचिन्द्रम मंदिर घुमने के बाद वापिस नागरकोइल स्टेशन आ गए और वहाँ से दोपहर की लोकल ट्रेन से त्रिवेंद्रम- जिसे आजकल तिरूअनंतपुरम कहा जाता है -के लिए निकल गए। त्रिवेंद्रम कन्याकुमारी से लगभग 100 किमी दूर है और लगभग तीन घन्टे  की ट्रेन यात्रा के बाद हम त्रिवेंद्रम पहुँच गए ।


Thursday, 28 June 2018

Kanyakumari and Suchindrum Temple

कन्याकुमारी और सुचिन्द्रम मंदिर :
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अगले दिन सुबह साढ़े 4 बजे ट्रैन नागरकोइल स्टेशन पहुँच गयी। यह स्टेशन कन्याकुमारी से 20 किमी पहले एक जंक्शन है। अधिक्तर गाड़िया यहीं से होकर गुजरती हैं और  कन्याकुमारी तक तो कुछ ही गाड़ियाँ जाती हैं । ट्रैन से उतर कर हम प्लेटफार्म एक पर बने रिटायरिंग रूम चले गए जहां शौचालय और स्नानघर की सुविधा थी । इस सुविधा का हमने भी लाभ उठाया और नहा धोकर तैयार हो गए । हल्का फुल्का नाश्ता करने के बाद हमने अपना सामान स्टेशन पर ही बने क्लॉक रूम में जमा करवा दिया और एक छोटा पिठ्ठू बैग लेकर स्टेशन से बाहर आ गए । नागरकोइल स्टेशन ,कन्याकुमारी जाने वाले मुख्य राजमार्ग से लगभग आधा किलोमीटर अन्दर  है । स्टेशन के बाहर हमने एक ऑटो वाले से कन्याकुमारी जाने के लिए पूछा , उसने बताया कि वो हमें मुख्य मार्ग पर छोड़ देगा जहाँ से हमें कन्याकुमारी के लिए आराम से बस मिल जाएगी  ऑटो से कन्याकुमारी जाना काफी महंगा पड़ेगा । हमने उसकी बात मान ली और उसने हमें 30/40रुपये में मुख्य मार्ग पे बने बस स्टॉप पर छोड़ दिया । कुछ ही मिनट के अंतराल के बाद हमे कन्याकुमारी के लिए बस मिल गयी।

Thursday, 7 June 2018

Meenakshi Temple , Madurai


मीनाक्षी मंदिर ,मदुरै – Meenakshi Temple ,Madurai

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रामेश्वरम में दर्शन करने के बाद हम लोग वापिस रामेश्वरम रेलवे स्टेशन आ गए और वहाँ से मदुरै जाने वाली ट्रेन पकड़ ली । मदुरै यहाँ से 160 किमी दूर है और लगभग चार  घण्टे में हम मदुरै पहुँच गए । मदुरै रेलवे स्टेशन पहुंच कर हमने अपना सामान क्लॉक रूम जमा करवा दिया और एक छोटा सा बैग लेकर मंदिर की तरफ चल दिए । मंदिर रेलवे स्टेशन से ज्यादा दूर नहीं है मुश्किल से 1 किलोमीटर दूर होगा । रेलवे स्टेशन से बाहर निकल कर थोड़ा दायीं तरफ़ चलना है और पहले चौराहे से बायीं तरफ मुड़ कर बिलकुल सीधा जाना है । रेलवे स्टेशन से लेकर मंदिर तक का रास्ता व्यस्त मार्किट से होकर है, इस रास्ते से जाने पर आपको मंदिर का पश्चिमी गोपुरम  दिखाई देता है ।

Thursday, 31 May 2018

Sri-Ramanathaswamy-Temple - Rameshwaram Jyotirling

रामेश्वरम यात्रा - ज्योतिर्लिंग दर्शन ( Rameshwaram Jyotirling )

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यात्रा तिथि : 31 दिसम्बर 2017  
अगले दिन सुबह ट्रेन अपने निर्धारित समय पर रामेश्वरम स्टेशन पहुँच गयी । थोड़ी देर पहले जब ट्रेन समुंदर पर बने पम्बन ब्रिज को पार कर रही थी ,तब पुल से गुजरने के कारण होने वाली भारी आवाज से मेरी आँख खुल गयी थी और मैं समझ गया था कि ट्रेन अब समुंदर पार कर जल्दी ही रामेश्वरम पहुँचने वाली है । उस समय काफी अँधेरा था और ट्रेन भी काफी धीमी गति से चल रही थी। रात के समय ट्रेन के डिब्बों से सागर के पानी पर पड़ रही रोशनी बड़ा ही सुदर दृश्य उत्पन्न कर रही थी ,यूँ लग रहा था जैसी किसी ने सागर के गले चमचमाती हुई माला डाल दी हो।

मंदिर गलियारा 

Thursday, 24 May 2018

Sri Kanchi Kamakshi Amman Temple


कांची कामाक्षी अम्मान मंदिर - Sri Kanchi Kamakshi Amman Temple


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एकम्बरनाथर मंदिर में दर्शन के बाद हम एक ऑटो रिक्शा से कामाक्षी अम्मान मंदिर पहुँच गए। मंदिर अब तक खुल चूका था और दर्शन के लिए काफी लोग भी जमा हो चुके थे । हम भी जल्दी से दर्शनों के लिए कामाक्षी अम्मान मंदिर में प्रवेश कर गए । मंदिर बाहर से भी सुन्दर दिखता है और अन्दर से बहुत भव्य बना हुआ है । इसकी भव्यता और साफ़ सफ़ाई से मालूम हो रहा था कि यह कांचीपुरम का एक समृद्ध मंदिर है। मंदिर के अन्दर दर्शनों के लिए लाइन लगी हुई थी और बिना समय गवाएँ हम भी लाइन में लग गए और थोड़ी देर बाद दर्शन के बाद मंदिर से वापिस बाहर आ गए। अब तक शाम के साढ़े चार बज चुके थे। आज ही हमें कांचीपुरम से 40 किलोमीटर दूर चिन्गालपट्टू रेलवे स्टेशन से शाम 6:50 पर रामेश्वरम के लिए ट्रेन पकड़नी थी इसलिए बिना समय गवाएँ हम ऑटो से बस स्टैंड चले गए। वहाँ पहुंचकर रेस्टोरेंट से अपना सामान लिया और चिन्गालपट्टू जाने के लिए बस पकड़ ली ।

कामाक्षी अम्मान मंदिर

Thursday, 17 May 2018

Lord Ekambaranathar Temple ( Ekambareeswarar Temple ), Kanchipuram

                    एकम्बरनाथर मंदिर ( एकाम्बरेश्वर मंदिर )

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वरदराज पेरुमाल मंदिर में दर्शन के बाद हम एक ऑटो रिक्शा से कामाक्षी अम्मान मंदिर पहुँच गए , लेकिन अभी मंदिर खुलने का समय नहीं हुआ था इसलिए मंदिर के प्रवेश द्वार अभी बंद ही थे । मालूम हुआ कि शाम को चार बजे ही मंदिर के द्वार खुलेंगे, उससे पहले किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है। अब आधा घंटा यहाँ रूककर कर इंतजार करने से बेहतर था कि हम एकम्बरनाथर मंदिर चलें जाएँ और वापसी में यहाँ दर्शन करें । कामाक्षी अम्मान मंदिर से एकम्बरनाथर मंदिर की दुरी मुश्किल से एक किलोमीटर है । आप चाहे तो यहाँ से पैदल भी जा सकते हैं । रास्ते में ही श्रीकाची कामकोटी मठ भी है।

मंदिर का पनोरोमिक व्यू