Thursday, 12 July 2018

Kovalam Beach - Trivandrum

कोवलम बीच- त्रिवेंद्रम (तिरूअनंतपुरम), (Kovalam Beach, Trivandrum)

पिछली पोस्ट में आपने पढ़ा कि हम लोग कन्याकुमारी और सुचिन्द्रम मंदिर घुमने के बाद वापिस नागरकोइल स्टेशन आ गए और वहाँ से दोपहर की लोकल ट्रेन से त्रिवेंद्रम- जिसे आजकल तिरूअनंतपुरम कहा जाता है -के लिए निकल गए। त्रिवेंद्रम कन्याकुमारी से लगभग 100 किमी दूर है और लगभग तीन घन्टे  की ट्रेन यात्रा के बाद हम त्रिवेंद्रम पहुँच गए ।



अब तक शाम के 6 बज चुके थे । यहाँ हमारी पहले से ही अपनी कम्पनी के गेस्ट हाउस में बुकिंग थी इसलिए स्टेशन से बाहर निकल कर एक ऑटो रिक्शा ले लिया । गेस्ट हाउस के केयर टेकर से ऑटो रिक्शा वाले की बात करवा दी ताकि वो ठीक से समझ जाये कि कहाँ पहुंचाना है । त्रिवेंद्रम के विधान सभा ,हाई कोर्ट और स्टेडियम के आगे से गुजरते हुए थोड़ी ही देर बाद हम अपने गेस्ट हाउस पहुँच गए  । आज सुबह के घूम रहे थे तो इस समय कहीं जाने की इच्छा नहीं थी । इसलिए थोडा आराम करने के बाद आस पास ही टहल आये और रात का खाना खाकर समय से सो गए । हमारा कल सुबह पहले कोवलम बीच पर जाकर सुर्योदय देखने और फिर पद्मनाभस्वामी मंदिर जाने का प्रोग्राम था । कल दोपहर को त्रिवेंद्रम से हमारी दिल्ली वापसी की ट्रेन थी ।

सुर्योदय देखने के चक्कर में अगले दिन सुबह जल्दी उठकर तैयार हो गए और गेस्ट हाउस के बाहर किसी ऑटो रिक्शा का इंतजार करने लगे । दिसम्बर –जनवरी के मौसम में यहाँ दिन में तो गर्मी हो जाती है लेकिन सुबह-शाम हलकी ठंडक रहती है । इस समय भी बाहर काफी ठंडी हवा चल रही थी । हमारे गेस्ट हाउस से कोवलम बीच लगभग 20 किमी दूर था । जल्दी ही एक ऑटो वाला 250 रूपये में वहाँ चलने  को तैयार हो गया । सुबह के समय ट्रैफिक काफी कम था फिर भी हमें कोवलम पहुँचने में लगभग आधा घंटा लग गया । रास्ते में ही हमें ऑटो वाले ने बताया की कोवलम बीच सूर्यास्त के लिए प्रसिद्ध है । सूर्योदय यहाँ से नहीं दिखता ,हम थोड़े निराश हुए ,यूँ ही भागदौड़ की आराम से भी आ सकते थे । फिर मन को समझाया ,चलो आना तो था ही ,सबह भीडभाड कम मिलेगी और आराम से फोटोग्राफी कर सकेंगे ।

ऐसा ही हुआ । सुबह सुबह बहुत कम लोग थे बीच पर ,जो थे वो अधिकतर विदेशी ही थे । हमने भी वहां जाकर पहले हल्का नाश्ता किया और फ़िर बीच पर घूमकर इधर उधर फोटो लेते रहे । कोवलम बीच के पूर्वी तरफ नारियल और ताड के घने पेड़ है । इसी तरफ कई होटल भी बने हुए हैं । इसी दिशा में एक तरफ लाइट हाउस भी बना है । कुछ देर बाद हमें इस तरफ से सूर्य भगवान नज़र आये ।सर्दी का मौसम होने और बादलों के कारण सूर्य काफी ऊपर आने के बाद से ही लालिमा बिखेरते हुए दिखायी दिए । यह नज़ारा सूर्योदय से कम नहीं था । सागर किनारे लहरों पर पड़ रही हलकी धुप सुनहरी रंग पैदा कर रही थी । कुल मिलाकर काफी सुन्दर नजारा बन गया ।       

कोवलम बीच  राजधानी त्रिवेंद्रम या तिरुवनंतपुरम से मात्र 16 किमी की ही दूरी पर हैयहाँ सर्दियों के मौसम में टूरिस्ट्स की भीड़ लगी रहती है, लेकिन जून के ऑफ-सीजन वाले महीने में भी लोग यहाँ घूमने आते हैं । यह खूबसूरत बीच नारियल और ताड़ के पेड़ों के लिए प्रसिद्ध है। कोवालम के बीच विश्व के सबसे दर्शनीय बीचों में गिना जाता हैं। सुनहरी रेत को चूमती नीली सागर की लहरें देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक खीचें चले आते हैं। यहां की खूबसूरत प्राकृतिक दृश्यावली और वाटर स्पोट्र्स की गतिविधियां भी बड़ी संख्या में सैलानियों को लुभाती हैं। आपको यहां आकर बिल्कुल भी ऐसा नहीं लगेगा कि आप केरल के किसी बीच पर खड़े हुए हैं। यहाँ पर आपको गोवा जैसा ही एहसास होगा। आप चाहें, तो यहां के प्राकृतिक सौंर्दय को आजकल उपलब्ध होटल से भी निहार सकते हैं।

कोवलम बीच पर लगभग दो घंटे बिताने के बाद हमने यहाँ से 150 रूपये में  एक ऑटो लिया और सीधा पद्मनाभस्वामी मंदिर चले गए जिसके बारे में अगली पोस्ट में लिखूंगा तब तक आप कोवलम बीच की खूबसूरत फोटो का आनंद उठायें  ।
इस यात्रा के पिछले भाग पढ़ने के लिए लिंक नीचे उपलब्ध हैं ।
भाग 7 : एकम्बरनाथर मंदिर, कांचीपुरम







सुनहरी बीच 

सूर्योदय  

सूर्योदय 

सूर्योदय 


सुनहरी बीच 




लाइट हाउस 




सुनहरी बीच 









5 लेवल सिक्यूरिटी 







लोग मस्ती करते हुए 
सुनहरी बीच 













20 comments:

  1. वाहः बहुत ही बढ़िया
    फोटोज बहुत ही अच्छी आई है

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    1. धन्यवाद श्याम भाई जी .

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  2. आपकी यह यात्रा बेहद सुंदर व बेहतरीन रही। आपने बढ़िया बढ़िया मंदिर, समुन्द्र बीचों व और भी जगहों की सैर करायी।

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    1. धन्यवाद सचिन भाई .

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  3. वाह। शानदार चित्रों के साथ शानदार व्रतांत

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    1. धन्यवाद चौहान साहब

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  4. आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शनिवार (14-07-2018) को "सहमे हुए कपोत" (चर्चा अंक-3032) पर भी होगी।
    --
    चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
    जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
    --
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    सादर...!
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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    1. आभार शास्त्री जी .

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  5. संगीता बलोदीJuly 13, 2018 6:06 pm

    बहुत ही सुंदर लेख,,,,,,,,ओर साथ साथ खूबसूरत फ़ोटो.

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  6. सुन्दर चित्र

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  7. बहुत बढ़िया....कोवलम बीच बहुत खूबसूरत लगा आपकी नजर से...

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  8. शानदार चित्रों के साथ बढ़िया व्रतांत

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    1. धन्यवाद अजय जी .

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  9. खूब बढ़िया सहगल साब !! कोवलम भी साफ़ सुथरा बीच लगा !! फोटो बहुत शानदार लिए हाँ

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    1. धन्यवाद योगी जी .

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  10. Nice post with lot of beautiful pictures.

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    1. धन्यवाद राज साहब .

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